Friday, February 20, 2026
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पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” के तहत नारायणपुर में बड़ी सफलता — 28 माओवादी कैडरों ने किया आत्मसमर्पण

नारायणपुर। “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के अंतर्गत आज जिला नारायणपुर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई, जहाँ कुल 28 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर सामाजिक मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। इनमें ₹89 लाख के इनामी 19 महिला माओवादी भी शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ शासन, भारत सरकार, बस्तर पुलिस, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों के समन्वित प्रयासों से क्षेत्र में शांति स्थापना, पुनर्वास और विकास के लिए लगातार कार्य जारी है। यह पहल बस्तर क्षेत्र में स्थायी शांति और सकारात्मक परिवर्तन का मजबूत आधार बनती जा रही है।

कौन-कौन से स्तर के सदस्य हुए पुनर्वासित?

आज पुनर्वासित हुए 28 माओवादी कैडरों में विभिन्न संगठनों और दस्ता स्तरों के सदस्य शामिल हैं—

Maad Division DVCM Member

PLGA कंपनी नंबर 06 के मिलिट्री सदस्य

एरिया कमेटी सदस्य (ACM)

टेक्निकल टीम सदस्य

मिलिट्री प्लाटून PPCM

मिलिट्री प्लाटून सदस्य

SZCM भास्कर की गार्ड टीम के सदस्य (PM)

सप्लाई टीम सदस्य (PM)

एलओएस सदस्य (PM)

जनताना सरकार के सदस्य

सभी ने मुख्यधारा में जुड़कर शांति और विकास का मार्ग अपनाने की शपथ ली।

हथियारों के साथ आत्मसमर्पण

कुल 03 माओवादी कैडरों ने SLR, INSAS एवं .303 रायफल सहित अपने हथियार सुरक्षा बलों को सौंप दिए।
यह कदम कानून व्यवस्था और शांति प्रक्रिया पर उनके बढ़ते विश्वास का प्रतीक है।

वर्ष 2025 में अब तक 287 माओवादी आत्मसमर्पण

पुलिस अधीक्षक नारायणपुर रॉबिन्सन गुड़िया ने बताया कि आज की कार्रवाई के बाद वर्ष 2025 में जिले में आत्मसमर्पण करने वाले कुल माओवादी कैडरों की संख्या 287 हो गई है।
यह आँकड़ा बताता है कि जिले में विश्वास, शांति और विकास की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ रही है।

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पत्तिलिंगम ने कहा—
“नारायणपुर में 28 माओवादी कैडरों का पुनर्वास यह दर्शाता है कि हिंसक और जनविरोधी माओवादी विचारधारा का अंत अब निकट है। लोग ‘पूना मारगेम’ पहल पर भरोसा जताते हुए शांति, गरिमा और स्थायी प्रगति का मार्ग चुन रहे हैं।”

उन्होंने बताया कि पिछले 50 दिनों में बस्तर रेंज में 512 से अधिक माओवादी कैडर हिंसा छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं।

IG ने यह भी स्पष्ट किया कि Politburo सदस्य देवजी, Central Committee सदस्य रामदर, DKSZC सदस्य पाप्पा राव, देवा (Barse Deva) सहित अन्य माओवादी नेताओं के पास अब हिंसा छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति

पुनर्वास कार्यक्रम के दौरान निम्न अधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित रहे—

सुन्दरराज पत्तिलिंगम, पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज

सुश्री प्रतिष्ठा ममगई, कलेक्टर, नारायणपुर

रॉबिन्सन गुड़िया, पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर

आकांक्षा शिक्षा खलखो, सीईओ जिला पंचायत

रोशन सिंह, सेनानी 38वीं वाहिनी ITBP

राजीव गुप्ता, सेनानी 43वीं वाहिनी ITBP

संजय कुमार, सेनानी 53वीं वाहिनी ITBP

संजय सिंह, सेनानी 129वीं वाहिनी BSF

नवल सिंह, सेनानी 135वीं वाहिनी BSF

अति. पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रमोद साबद्द्रा

अति. पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार नायक

सैकड़ों की संख्या में समाज-प्रमुख, पत्रकार, पुलिस अधिकारी और सुरक्षाबल भी मौजूद रहे।

“पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल बस्तर क्षेत्र में स्थायी शांति, बढ़ते सामाजिक विश्वास और व्यापक परिवर्तन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
नारायणपुर में आज का सामूहिक आत्मसमर्पण इसी परिवर्तनशील वातावरण का प्रमाण है।

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