Friday, June 19, 2026
Homeछत्तीसगढ़कांकेर‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान बदल रहा ग्रामीण तस्वीर ......जल संरक्षण और हरियाली...
spot_img

‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान बदल रहा ग्रामीण तस्वीर ……जल संरक्षण और हरियाली की मिसाल बना कांकेर

कांकेर । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उत्तर बस्तर कांकेर जिला पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के कारण विशेष पहचान बना रहा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) और ‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन ने जिले के ग्रामीण अंचलों की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जिले में बीते वर्षों के दौरान शासकीय परिसरों, तालाबों की मेड़ों और प्रमुख सड़कों के किनारे बड़े पैमाने पर फलदार और छायादार पौधों का रोपण किया गया। इस वर्ष प्रशासन ने केवल पौधारोपण तक सीमित न रहकर पौधों के संरक्षण और उनकी जीवित रहने की दर बढ़ाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। इसका सकारात्मक असर भी दिखाई देने लगा है।

जल संरक्षण के क्षेत्र में कांकेर ने प्रदेश में अलग पहचान बनाई है। ‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान के तहत जिले में भूजल स्तर सुधारने के लिए 11,495 जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया गया है। इनमें 2,597 आजीविका डबरी का निर्माण शामिल है, जो पूरे प्रदेश में सर्वाधिक है। इसके अलावा मिनी परकोलेशन टैंक, चेक डैम, गैबियन संरचना, रिचार्ज पिट, सोक पिट और तालाब गहरीकरण जैसे कार्यों ने ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता को मजबूत किया है।


इन प्रयासों का लाभ किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों को भी मिल रहा है। निजी भूमि पर निर्मित आजीविका डबरियों के आसपास आम, अमरूद और जामुन जैसे फलदार पौधों के रोपण से महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है। जल संरक्षण और हरियाली को साथ लेकर चल रहा कांकेर जिला आज पर्यावरणीय संतुलन और ग्रामीण आत्मनिर्भरता का सफल मॉडल बनकर उभर रहा है।

spot_img
RELATED ARTICLES

LETEST POSTS

kripya khabar copy na kare...jarurat ho to mang le...dhanywad