Tuesday, August 4, 2026
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24 घंटे में सुलझे अंधे कत्ल मामले में आरोपी को आजीवन कारावास, वैज्ञानिक विवेचना बनी सजा का आधार

बिलासपुर/कोटा। बेलगहना चौकी पुलिस द्वारा 24 घंटे के भीतर अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाकर गिरफ्तार किए गए आरोपी को न्यायालय ने आज आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तत्कालीन बेलगहना चौकी प्रभारी उप निरीक्षक राज सिंह की उत्कृष्ट विवेचना, नवीन कानूनों के प्रावधानों का समुचित पालन तथा संपूर्ण कार्रवाई के दौरान ई-साक्ष्य के रूप में फोटो एवं वीडियोग्राफी कराए जाने से आरोपी को सजा दिलाने में सफलता मिली।

इस मामले की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि सभी गवाह न्यायालय में होस्टाइल हो गए, इसके बावजूद आरोपी के मेमोरेंडम एवं जप्ती के आधार पर न्यायालय ने उसे दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वैज्ञानिक एवं सटीक विवेचना के चलते पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सका। यशराज भानु उर्फ छोटा, पिता– संतराम भानु, उम्र 20 वर्ष, निवासी पहाड़बछाली, चौकी बेलगहना, थाना कोटा, जिला बिलासपुर

दिनांक 04.08.2025 को प्रार्थी गंगा बाई गंधर्व, कोटवार, निवासी पहाड़बछाली द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उसी दिन सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे के बीच छेदीलाल यादव की बृहस्पति बाई के घर में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई है। प्रार्थी की रिपोर्ट पर संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

घटना की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से.) को दी गई। उनके निर्देशन एवं मार्गदर्शन में पुलिस टीम का गठन किया गया। फॉरेंसिक टीम की उपस्थिति में घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया तथा प्रार्थी एवं गवाहों से पूछताछ कर उनके कथन दर्ज किए गए।

विवेचना के दौरान संदेही यशराज भानु उर्फ छोटू को हिरासत में लेकर बारीकी एवं कड़ाई से पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया तथा उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त टांगिया को गवाहों की उपस्थिति में जप्त कर पुलिस कब्जे में लिया गया।

अपराध के पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी यशराज भानु उर्फ छोटा, पिता संतराम भानु, उम्र 20 वर्ष, निवासी पहाड़बछाली, चौकी बेलगहना, थाना कोटा, जिला बिलासपुर को दिनांक 05.08.2025 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था।

प्रकरण की विवेचना के दौरान एकत्र किए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों, मेमोरेंडम, जप्ती एवं ई-साक्ष्यों के आधार पर माननीय न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

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