
प्रभात राय बिलासपुर। बिलासपुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 10, 11 और 12 में लाखों-करोड़ों रुपये की लागत से कराए जा रहे नाली निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और तकनीकी मापदंडों की अनदेखी की गई, जिसके चलते पहली ही बारिश में नाली की उपयोगिता पर सवाल खड़े हो गए।


स्थानीय निवासियों के अनुसार, बरसात के दौरान नाली निर्माण होने के बावजूद पानी की निकासी नहीं हो सकी और कई घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। आरोप है कि नाली का स्तर सड़क से ऊंचा बना दिया गया है, जिससे वर्षों से चली आ रही प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था बाधित हो गई।
लोगों का कहना है कि स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि पानी की निकासी के लिए निर्माणाधीन नाली के कुछ हिस्सों को तोड़ना पड़ा। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल और गहरे हो गए हैं। नागरिकों ने यह भी पूछा है कि इतने बड़े निर्माण कार्य के दौरान संबंधित अधिकारियों द्वारा तकनीकी निरीक्षण और गुणवत्ता की निगरानी क्यों नहीं की गई।

इस मामले में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सतनाम सिंह खनूजा ने नाली निर्माण की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हुआ है तो दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।



