
अजय यादव पथरिया । नगर पंचायत पथरिया के स्थानीय खेल मैदान में आगामी दिनों में समरसता मानस महायज्ञ आयोजित होने वाला है, जिसके लिए शनिवार को संकल्प एवं ध्वज व भूमिपूजन सम्पन्न हुआ! इस आयोजन में दक्षिण कौशल पीठाधीश्वर व अंतर्राष्ट्रीय कथवाचक संत राजीव लोचन महाराज व बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक की उपस्थिति रही! ध्वज व भूमिपूजन राजीव लोचन महाराज के द्वारा मंत्रोच्चार कर पूजा सम्पन्न कराया! इस अवसर पर पथरिया विश्राम गृह से उन्मुक्त खेल मैदान तक भव्य रामधुनी में ध्वजयात्रा निकली जिसमें नगरवासी सहित क्षेत्रभर के नागरिकों की मौजूदगी रही!!

क्षेत्रभर में भगवान शंकर की कृपा सदैव रहा है:- धरमलाल कौशिक
इस ध्वजयात्रा में कार्यक्रम में विधायक धरमलाल कौशिक ने संबोधित करते हुए कहा कि पथरिया सहित क्षेत्र भर में भगवान शिव का कृपा सदैव रही है! पथरिया में लगभग हर वर्ष शिव पूजा हो रही है जिसके कारण नगर आध्यात्मिक पावन धरा बन गया है! आगामी दिनों में मानस महायज्ञ का आयोजन में नगर सहित क्षेत्रवासी एकजुट होकर कथा कराने की बात कही!
महायज्ञ के माध्यम से समरसता के सभी वर्गों को जोड़ेंगे:- संत राजीव लोचन महाराज
दक्षिण कौशल पीठाधीश्वर संत राजीव लोचन महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान शिव समता के देवता है उनके लिए चर-अचर, उच्च-निम्न का भेद नही होता है, वो सभी पर समान भाव से कृपा करते है! हम सब मिलकर उसी परमशक्ति शिव की आराधना आने वाले दिनों में करेंगे और समाज मे समरसता के सभी वर्गों को जोड़ेंगे! उन्होंने सभी नागरिकों को इस पावन कार्य मे सहभागिता की बात कही!
इस अवसर पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष हरिशंकर वर्मा , नगर पंचायत अध्यक्ष हुलसी रघु वैष्णव, पूर्व नप अध्यक्ष जसपाल छाबड़ा , उपध्याय मनोज पांडेय , जनपद अध्यक्ष चित्रलेखा जांगड़े , उपाध्यक्ष दीपिका चंद्रशेखर कौशिक , अभिलाष त्रिवेदी , संजय राजपूत, अनिला देवेन्द्र राजपूत, जगदीश वर्मा, राजेन्द्र साहू , गणेश प्रसाद सोनी, रघुनंदन कर्माकर, बलराम जानू, तिजउ राम निर्मलकर , भैयालाल परिहार, मेलाराम डड़सेना, इन्द्रजीत यादव, ओम दीवान, रविन्द्र बघेल, योगानंद साहू, शिवकुमार जायसवाल, तिलक यादव, शत्रुघ्न पाली, बलदाऊ जायसवाल, चितराम पाली, के.के. देवांगन, राजेन्द्र निर्मलकर, शंकर यादव, उमेश यादव, ओंकार यादव, गयाराम डड़सेना, महेंद्र गुप्ता, त्रिलोक पांडेय सहित बड़ी संख्या में नगरवासी एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।


