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मेला स्टैंड ठेकेदार द्वारा भेजे गए लिफाफे का रहस्य…आखिर जनप्रतिनिधियों नें क्यों लौटाया लिफाफा!

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कोटा । कोटेश्वर महादेव की नगरी कोटा शहर में पहली बार आयोजित कोटेश्वर महोत्सव मेला पर अव्यवस्था को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं।

कोटेश्वर महादेव के नाम पर मेला भरा था ऐसे में मेला क्षेत्र में वाहन स्टैंड ठेकेदार के तथाकथित गुर्गों द्वारा मेला देखने आए वाहन चालकों के साथ दुर्व्यवहार, रेलवे क्षेत्र के आसपास वाहन स्टैंड ठेकेदार के गुर्गों द्वारा वाहन चालकों से मनमाने तरीके से अवैध वसूली मामला सुर्खियों में था जो स्थानीय लोगों की नज़र में गलत था इन सब के चलते जनप्रतिनिधियों की नाराजगी भी सामने आई थी और स्टैंड ठेकेदार का विरोध भी किया गया था।
शायद इसी कारण ठेकेदार नें जनप्रतिनिधियों को लिफाफे में नजराना भेजा था लेकिन लिफाफे में भेजा गया नज़राना जिस अंदाज में आधे से अधिक जनप्रतिनिधियों नें वापस लौटाया उससे कोटा नगर पंचायत की राजनीति में भूचाल आ गया है।
ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि ‘लिफाफा में वजन इतना कम था कि जिस मकसद से लिफाफा भेजा गया था आग में घी डालने जैसा साबित हुआ…ठेकेदार की लिफाफा राजनीति’क्या रंग लाएगी इसका तो पता नहीं लेकिन लिफाफा राजनीति की चर्चा और स्टैंड ठेकेदार पेशकश पर बवाल मचा हुआ है।
नगर के चर्चित मेले में इस बार पार्किंग व्यवस्था से जुड़ा मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मोटरसाइकिल स्टैंड के ठेकेदार द्वारा कुछ जनप्रतिनिधियों को कथित तौर पर “सहयोग राशि” के नाम पर लिफाफे भेजे गए।
बताया जा रहा है कि इस मामले में आधा दर्जन जनप्रतिनिधियों ने इस सहयोग राशि को लेने से साफ इनकार करते हुए लिफाफे वापस कर दिए। लिफाफा लौटाने वाले जनप्रतिनिधियों का कहना है कि वे इस तरह की किसी भी संदिग्ध आर्थिक लेन-देन का हिस्सा नहीं बनना चाहते।
वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। आम जनता के बीच सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इस तरह की “सहयोग राशि” देने के पीछे ठेकेदार की मंशा क्या थी और क्या यह किसी तरह के दबाव या प्रभाव बनाने की कोशिश थी?
हालांकि इस मामले में अभी तक किसी भी जनप्रतिनिधि या ठेकेदार की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह मामला तूल पकड़ सकता है यदि कोई व्यक्ति ठेकेदार के गुर्गों के किए हरकत से व्यथित होकर थानेदार से शिकायत कर दे।

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