
कोटा । निजी कबड्डी प्रतियोगिता में शिक्षकों की ड्यूटी लगाने का मामला कोई पहला नहीं है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी कोटा पहले भी नियम विरुद्ध निर्णयों को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं।
हाल ही में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव बिलासपुर जिले के दौरे पर पहुंचे थे, जहां उन्होंने संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक ली थी। बैठक के दौरान नियमों के खिलाफ आधा दर्जन शिक्षकों के अटैचमेंट का मामला सामने आने पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई थी।


इसके बावजूद बीईओ के कामकाज में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है।
अब एक बार फिर ऐन परीक्षा के समय शिक्षकों को निजी आयोजन में लगाकर शिक्षा विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।


सवाल यह है कि—
क्या शिक्षा विभाग बीईओ के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई करेगा?
क्या परीक्षा प्रभावित होने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर जवाबदेही तय होगी?
या फिर राजनीतिक संरक्षण के चलते नियमों की अनदेखी यूं ही जारी रहेगी?
फिलहाल पूरा मामला उच्च अधिकारियों और शिक्षा विभाग के संज्ञान में है। अब देखना होगा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मामले में प्रशासन क्या कदम उठाता है।






