Homeकोटाकोटा का प्राकृतिक सौंदर्य खतरे में: पहाड़ों का सीना फाड़कर बेतरतीब खनन,...
spot_img

कोटा का प्राकृतिक सौंदर्य खतरे में: पहाड़ों का सीना फाड़कर बेतरतीब खनन, नियम ताक पर

spot_img
spot_img


कोटा । कभी हरियाली, पहाड़ियों और शांत वातावरण के लिए पहचाना जाने वाला कोटा आज गंभीर संकट से जूझ रहा है। शहर और आसपास के क्षेत्रों में पहाड़ों को बेतरतीब ढंग से खोदकर गिट्टी निकाली जा रही है। खनन माफिया नियम-कायदों को ताक पर रखकर पहाड़ों का सीना फाड़ रहे हैं, जिससे कोटा का प्राकृतिक सौंदर्य धीरे-धीरे समाप्त होने की कगार पर पहुंचता दिख रहा है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना वैध अनुमति, बिना पर्यावरणीय स्वीकृति और बिना सुरक्षा मानकों के दिन-रात मशीनें चल रही हैं। विस्फोट, भारी वाहनों की आवाजाही और धूल के गुबार ने न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि आसपास के रहवासियों की सेहत पर भी असर डालना शुरू कर दिया है।

पर्यावरणीय खतरे बढ़े पहाड़ियों की अंधाधुंध कटाई से भू-स्खलन का खतरा बढ़ रहा है। वर्षा के समय मिट्टी का कटाव, जलस्रोतों का सूखना और जैव विविधता का नाश जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। हरियाली खत्म होने से तापमान में वृद्धि और जल संकट की आशंका भी जताई जा रही है।


राजस्व को भी नुकसान
अवैध खनन के कारण शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। बावजूद इसके, अब तक प्रभावी कार्रवाई न होने से खनन करने वालों के हौसले बुलंद हैं। सवाल यह है कि जिम्मेदार विभाग कब जागेंगे और कब इस खुलेआम हो रहे पर्यावरणीय अपराध पर लगाम लगेगी?

खनन पर सख्त रोक, दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई और पहाड़ियों के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो क्या आने वाले वर्षों में कोटा अपना प्राकृतिक सौंदर्य खो देगा? यह सवाल अब पूरे इलाके में गूंज रहा

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
RELATED ARTICLES

LETEST POSTS