
कोटा। बिलासपुर वन मंडल अधिकारी नीरज के निर्देशानुसार एवं उपवन मंडल अधिकारी अनिल भास्करन के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र अधिकारी सुरेश कुमार बंजारे के नेतृत्व में वन अमले व पुलिस की संयुक्त टीम ने सागौन लकड़ी की अवैध कटाई व परिवहन पर बड़ी कार्रवाई की।


मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर 11 जनवरी 2026 की रात्रि को कोटा सर्कल का स्टाफ गश्त पर था। इसी दौरान कक्ष क्रमांक RF2494 में एक पिकअप वाहन में सागौन प्रजाति की इमारती लकड़ी लोड की जा रही थी। गश्ती वाहन को आते देख पिकअप चालक जंगल की ओर भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन वन अमले ने पीछा कर आरोपी अनिल श्रीवास (पिता—शिवकुमार श्रीवास) को मौके से पकड़ लिया। अन्य सहयोगी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पिकप वाहन क्रमांक CG12E0558 में 14 नग सागौन लट्ठे
घटनास्थल (कक्ष RF2494) से 22 नग सागौन लट्ठे
कुल जप्त वनोपज: 36 नग सागौन, मात्रा 2.832 घन मीटर
मौके से 01 होंडा शाइन (CG 28 S 7910)
05 नग हाथ मगरा आरा एवं 01 जियो भारत मोबाइल जप्त
वन अमले द्वारा पीओआर प्रकरण क्रमांक 17721/11 (दिनांक 12.01.2026) दर्ज कर वनोपज व वाहन की जप्ती की गई। जप्त वनोपज का मूल्य ₹1,56,593 तथा वाहन का अनुमानित मूल्य ₹2,40,000 आँका गया है। जप्त सामग्री को कार्टिन चालान 71/24 एवं 71/25 (दिनांक 12.01.2026) के माध्यम से विक्रय काष्ठागार, कोटा परिवहन कराया गया।


मुख्य आरोपी अनिल श्रीवास को 12 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर माननीय प्रथम श्रेणी न्यायालय, कोटा में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से 12 दिनों की रिमांड पर वारंट जारी कर जेल दाखिल किया गया।
इस संयुक्त कार्रवाई में वन परिक्षेत्र कोटा के परिक्षेत्र सहायक विनय तिवारी, वनरक्षक लक्ष्मी साहू, उदय श्रीवास्तव, देव यादव, दैनिक श्रमिक राजीव भट्ट, रवि साहू, मनोज यादव तथा पुलिस थाना कोटा के आरक्षक प्रफुल यादव एवं दीप सिंह कंवर सहित अन्य कर्मियों का विशेष योगदान रहा।
वन विभाग ने फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी है और अवैध लकड़ी तस्करी पर सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।






