Friday, February 20, 2026
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कोटा वन मंडल में 25 हजार पौधों के वृक्षारोपण कार्य में ग्रामवासियों ने डाला रोड़ा, 57 आरोपी गिरफ्तार – 44 फरार

कोटा । छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम कोटा परियोजना मंडल बिलासपुर के अंतर्गत तेंदुआ परिक्षेत्र के करखा बीट कक्ष क्रमांक RF/131 के लगभग 12 हेक्टेयर क्षेत्र में 25,000 नीजगिरी पौधों का वृक्षारोपण कार्य प्रस्तावित था। इसके लिए जून माह के अंतिम सप्ताह में क्षेत्र तैयारी का कार्य प्रारंभ किया गया था।

इसी दौरान ग्राम करपिहा के 101 ग्रामीण (महिला एवं पुरुष) वृक्षारोपण स्थल पर पहुंचे और मजदूरों को जबरन काम करने से रोक दिया। जब मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, तो ग्रामीणों ने कार्य रुकवा दिया और दावा किया कि वे पिछले 50 वर्षों से उक्त भूमि पर काबिज हैं।

वन विभाग के अधिकारियों द्वारा कई बार गांव में बैठक आयोजित कर ग्रामीणों को समझाइश दी गई, लेकिन उन्होंने वृक्षारोपण कार्य का विरोध जारी रखा। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि वे तब तक काम नहीं होने देंगे जब तक न्यायालय से इस भूमि पर अधिकार का निर्णय नहीं हो जाता।

उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ग्राम करपिहा के 101 व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26(ज), 80(क), लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3(1), वन संरक्षण अधिनियम 1980 की धारा 2, 3(क) तथा भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 186 के तहत अवैध अतिक्रमण व कार्य में बाधा डालने का प्रकरण दर्ज किया गया।

दिनांक 07 नवम्बर 2025 को वन विकास निगम की टीम आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु करपिहा गांव पहुंची। कार्रवाई के दौरान 57 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 44 आरोपी फरार हो गए।

गिरफ्तार सभी आरोपियों को स्वास्थ्य परीक्षण हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटा लाया गया, जिसके पश्चात उन्हें व्यवहार न्यायालय कोटा में न्यायिक मजिस्ट्रेट समक्ष पेश किया गया।

वन विभाग ने बताया कि यह कार्रवाई उच्चाधिकारियों के निर्देश पर की गई है तथा फरार आरोपियों की तलाश जारी है। विभाग का कहना है कि वृक्षारोपण कार्य जनहित से जुड़ा है और क्षेत्र के पर्यावरण संरक्षण हेतु अत्यंत आवश्यक है।

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