
बिलासपुर। ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने तथा गांवों की आर्थिक स्थिति को सशक्त करने के उद्देश्य से भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), बिलासपुर में संचालित 30 दिवसीय प्लंबिंग, सेनेटरी एवं राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ।
प्रोजेक्ट उन्नति के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को प्लंबिंग और राजमिस्त्री कार्य से संबंधित तकनीकी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य उन्हें कुशल कारीगर बनाकर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना तथा गांवों में प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे निर्माण कार्यों में उनकी उपयोगिता बढ़ाना रहा।
आरसेटी के निदेशक राजेंद्र कुमार साहू ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राप्त कौशल के आधार पर प्रशिक्षित हितग्राही गांवों के साथ-साथ शहरों में भी कुशल कारीगर के रूप में बेहतर कार्य कर सकेंगे और आत्मनिर्भर बनेंगे।
प्रशिक्षण के समापन पर मूल्यांकन प्रक्रिया के अंतर्गत लिखित, मौखिक एवं प्रायोगिक परीक्षा आयोजित की गई। इस दौरान राज्य एसेसमेंट अधिकारी अरुण सोनी स्वयं उपस्थित रहे। परीक्षा का संचालन चंदन सिंह साहू, राम बसु एवं शरण सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। मूल्यांकन के दौरान अरुण सोनी ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता और व्यावहारिक शिक्षण पद्धति की सराहना की।
प्रशिक्षण अवधि में प्रतिभागियों को बाजार सर्वेक्षण, बैंकिंग ऋण प्रक्रिया, क्षेत्र भ्रमण सहित भवन निर्माण की नींव से लेकर छत तक की तकनीकों, पाइपलाइन बिछाने, जल निकासी व्यवस्था, बोर पंप एवं फिटिंग संबंधी कार्यों का विस्तृत व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी जानकारी प्रदान की गई।
समापन कार्यक्रम में प्रशिक्षक रमाशंकर मसराम, फागुराम, वरिष्ठ संकाय दीप्ति मंडल एवं संकाय पुरुषोत्तम कहरा सहित अन्य अधिकारी एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।



